भई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत हंसो परखंडा चालीयो लिरिक्स
भई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत, हंसो परखंडा चालीयो। दोहा - हाड़ जले जैसे लकडी जल गई, केश जले जैसे...
Read moreDetailsभई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत, हंसो परखंडा चालीयो। दोहा - हाड़ जले जैसे लकडी जल गई, केश जले जैसे...
Read moreDetailsआवरा में घणी मोटी धाम मैया जी, आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी, सात भाया रे बीच बेनड लाडली,...
Read moreDetailsलिखमोजी माला फेरी है, अमरपुरा रे माई। दोहा - शिरोमणी संत भगत लिखमोजी, ज्यारी महिमा अपार, गावे बजावे सुने साम्भले,...
Read moreDetailsधिन धिन धाम अमरपुरोजी, दोहा - धिन धोरां धिन नागाणा, धिन संता रो देश, धिन लिखमोजी धाम बनायो, अमरपुरो ऋषिकेश।...
Read moreDetailsसाधो भाई सत्संग उत्तम गंगा, पाप ताप संताप मिटावे, झण्डा लहरावे तिरंगा।। सत्संग तो संता की कोर्ट, चले ज्ञान प्रसंगा,...
Read moreDetailsआम की डाली कोयल बोले, बात सुनावे खरी खरी, लिखमीदासजी ने भजले प्राणी, मै समझावु घडी घडी, लिखमीदासजी ने भजले...
Read moreDetailsसंत लिखमोजी पुज्या पगलीया, बिकाना मे भजता ही रामदेव मिलीया, भली करसी लिखमोजी डी जे बाजे, सगला नाचो रे।। गुरू...
Read moreDetailsकोरोना को रोग भारी, घर में रहो सब नर नारी, निकले पुलिस पकड़े, लोक डाउन लागू भाई जी।। चाइना सु...
Read moreDetailsहाँ रे कोरोना आयो रे, भारत मे भारी शोर मचायो रे।। कोरोना है जोरदार और, मोदी की है सरकार रे,...
Read moreDetailsकदी आवो नी रसीला मारे देश, कदी आओ नी रसीला मारे देश, जोवां थारी बाट घणी, कदी आओ नी रसीला...
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