मेरे कंठ बसो महारानी लख्खा जी भजन लिरिक्स
मेरे कंठ बसो महारानी, ना मैं जानू पूजा तेरी, ना मैं जानू महिमा तेरी, मैं मूरख अज्ञानी, मेरे कंठ बसो...
Read moreDetailsमेरे कंठ बसो महारानी, ना मैं जानू पूजा तेरी, ना मैं जानू महिमा तेरी, मैं मूरख अज्ञानी, मेरे कंठ बसो...
Read moreDetailsतू जो दया ज़रा सी करदे, सर पे हाथ मेरे माँ धर दे। श्लोक - तेरे दरबार का पाने नज़ारा,...
Read moreDetailsतेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ, बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा...
Read moreDetailsतेरी दया के किस्से, दुनिया को मैं सुनाऊ। श्लोक - सर झुकाओगे अगर, माँ के दरबार के आगे, ना कभी...
Read moreDetailsतुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो, झुलाएगी पलकों के झूले में...
Read moreDetailsहै तमन्ना यही खाटु वाले प्रभु, मैं जनम भर तेरे गीत गाता रहूँ, सिर्फ देखा करूँ तेरी बांकी छवि, और...
Read moreDetailsऊँची चढ़ाई, तर्ज - लंबी जुदाई श्लोक है रेहमत तेरी माँ, पल पल बरसे, जाए नही खाली, कभी सवाली दर...
Read moreDetailsपत्थर की दुनिया से निकलके, देखो माँ इक बार, कितना दुखी संसार।। तर्ज - नफरत की दुनिया को छोड़कर। हर...
Read moreDetailsदेखो सूरज की किरणे बिखरने लगी, तर्ज - जिसके सपने हमें रोज आते रहे। देखो सूरज की किरणे बिखरने लगी,...
Read moreDetailsसांवरियो बैठ्यो रे, जो लेणो है सो मांग ले, सांवरियो बैठ्यो रे।। श्लोक प्यार मिला बाबा का, कैसे मैं कुछ...
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