उठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना है भजन लिरिक्स
उठो हे पवनपुत्र हनुमान, सागर पार जाना है, सागर पार जाना है, बनी श्री राम पे विपदा भारी, लंकपति हर...
Read moreDetailsउठो हे पवनपुत्र हनुमान, सागर पार जाना है, सागर पार जाना है, बनी श्री राम पे विपदा भारी, लंकपति हर...
Read moreDetailsहम तो तेरे दरबार के, दरबारी हो गए, भोले तेरे नाम के, पुजारी हो गए।। तर्ज - हम तो चले...
Read moreDetailsहाथों की हथकड़ी, पाँव की बेड़ियाँ, खुल गए स्वयं ताले, आनंद आ गया।। तर्ज - मेरे रश्के कमर। देखे -...
Read moreDetailsकान्हा की दीवानी, मीरा हो गई बदनाम।। तर्ज - सांसो की माला पे। श्लोक - राम तने रंग राची मैं...
Read moreDetailsखाटु वाले का ये दरबार है, मांग लो जिसको जो दरकार है।। तर्ज - साजन मेरा उस पार है। श्लोक...
Read moreDetailsसब मंगलमय कर देते हैं, दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु, हर बिगड़े काम बनाते हैं, दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु।। जो काम...
Read moreDetailsझूले राधा प्यारी, झुलाए रहे बांके बिहारी।। रेशम डोर कदम्ब बंधवाई, कंचन पाती रतन जड़ाई, वा पर भानु दुलारी, झुलाए...
Read moreDetailsहोली आई होली आई होली आई, मस्ती लाई मस्ती लाई।। तर्ज - बोलो तारा रारा। श्लोक - होली में चारो...
Read moreDetailsचप्पा चप्पा लंका जले, हक्के बक्के हो गए सभी, लंकापति हाथ मले, चप्पा चप्पा लंका जले।। जल गई जल गई,...
Read moreDetailsअब तू ही बता गोपाल, कुण पार लगावेगो, कुण आड़े आवेगो, अब तु ही बता गोपाल, कुण पार लगावेगो।। दुनिया...
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