होली आई होली आई मस्ती लाई मस्ती लाई लिरिक्स

होली आई होली आई मस्ती लाई मस्ती लाई लिरिक्स

होली आई होली आई होली आई,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।

तर्ज – बोलो तारा रारा।

श्लोक – होली में चारो तरफ,
छाई अजब उमंग,
जगह जगह ढोलक बजते,
और बजे रे चंग,
राधे रानी श्याम के मुख पे,
मले रे गुलाल,
भर पिचकारी मार दे,
राधा को गोपाल।



होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई,

रंग लेके खेलते,
गुलाल लेके खेलते,
राधा संग होली,
नन्दलाल खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।



“ढोलक मंजीरा और,

चंग लेके नाचते,”- २
सखियाँ और सारे,
ग्वाल बाल खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।



“भर पिचकारी मारे,

राधा को कन्हैया,”- २
मुखड़े पे मल के,
गुलाल खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।



“राधा जी गुलाल मले,

श्याम जी के मुख पे,”- २
सारे आज होके,
लाल लाल खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।



“देवता भी होली यहाँ,

खेलने को आते है,” – २
ब्रम्हा विष्णु बाबा,
भोलानाथ खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।



“‘शर्मा’ खाटु धाम की तो,

महिमा निराली है,”- २
भक्त यहाँ होली,
हर साल खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।



होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई,

रंग लेके खेलते,
गुलाल लेके खेलते,
राधा संग होली,
नन्दलाल खेलते,
बोलो सारा रारा,
सारा रारा मदन गोपाल खेलते,
बोलो सारा रारा, जय हो,
होली आयी होली आयी होली आयी,
मस्ती लाई मस्ती लाई।।


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