राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक सवैया हिंदी लिरिक्स
राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है, भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन, फिर भी दीप जलाये...
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Read moreDetailsमेरी अखियां तरसे तेरे, दीदार के लिये, मैं बरसो तड़पा सांवरिया, तेरे प्यार के लिये, मैं बरसो तड़पा सांवरिया, तेरे...
Read moreDetailsकान्हा मुरली की तान सुना दे, कहे तेरी राधे, मैं तेरे कुर्बान सांवरे, तू दिल तू ही जान सांवरे, कान्हा...
Read moreDetailsकन्हैया सांवरी सूरत, मेरे दिल में समाई है, मेरे दिल में समाई है, गजब की बांसुरी तूने, जो मधुबन में...
Read moreDetailsसुनो श्याम सुन्दर तेरी कृपा है, जो भी माँगा तुमने दिया है।। तर्ज - तुम्ही मेरे मंदिर। मैं दुखियारी दर...
Read moreDetailsमैं तो नंदबाबा के घर जाऊंगी, मैं तो नंदबाबा के डिंग जाऊंगी, बधाई लेकर आऊंगी।। मैंने सुना है वहां लाला...
Read moreDetailsकौरव थे सौ और, पांडव थे पांच, फिर भी सत्य पर, आई ना आँच, यही तो करिश्मा है, हरि भक्ति...
Read moreDetailsमेरे श्याम से नाता है, तो क्यों घबराता है, श्याम कहो घनश्याम कहो, अच्छा लगता है, जीवन में हरि नाम...
Read moreDetailsआंख्या का पट खोल सांवरा, दोहा - टाबरिया सु सांवरा, लियो क्यों मोह हटाय, थारो ही म्हाने आसरो, म्हाने तू...
Read moreDetailsदास तुम्हारा तरस रहा है, दर्शन दो अब श्याम, तुम सब जानते हाल मेरा, दर्शन दो घनश्याम, दास तुम्हारा तरस...
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