ना भूलूं मैं तुझको हे दाता दयालु,
इसी जन्म में नाथ तुमको मैं पालू,
नारायण श्रीमन नारायण,
नारायण श्रीमन नारायण,
हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ।।
ये कैसा है जादू समझ में ना आया,
तेरे प्यार ने हमको जीना सिखाया,
नारायण श्रीमन नारायण,
नारायण श्रीमन नारायण,
हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ।।
तुम्हें देखने को ये आंखें तरसती,
सावन के जैसे ये झर-झर बरसती,
नारायण श्रीमन नारायण,
नारायण श्रीमन नारायण,
हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ।।
ना भूलूं मैं तुझको हे दाता दयालु,
इसी जन्म में नाथ तुमको मैं पालू,
नारायण श्रीमन नारायण,
नारायण श्रीमन नारायण,
हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ हरि ॐ।।
स्वर – श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज।
प्रेषक – पवन कुमार।
9155200973








