बुहा खोल के माये जरा तक ते ले नरेंद्र चंचल भजन लिरिक्स
बुहा खोल के माये, जरा तक ते ले, तेरे मंदिरा दे वेडे दाती, कौन आया है, मान बच्चिया दा अज...
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बुहा खोल के माये, जरा तक ते ले, तेरे मंदिरा दे वेडे दाती, कौन आया है, मान बच्चिया दा अज...
धन्य कबीर कुछ जलवा, दिखाना हो तो ऐसा हो, बिना माँ बाप के दुनिया में, आना हो तो ऐसा हो,...
जहिया से चली गइले, छोड़ अयोध्या, नगर भाईल सुनसान हो, जा ऐ विधना ऐ का भई, वन चले गएली सियाराम...
जगत में जिसका, जगत पिता रखवाला। दोहा - जाको राखे साइयां, मार सके न कोई, और बाल न बांका कर...
निवन करूँ मैं प्रणाम रे, माजीसा म्हारी। दोहा - जसोल गढ़ में आप बिराजो, और मोत्या वाली माँ, रूप सुहानो...
थाकी यात्रा में कंईया आवा पाला, कोरोना ने लगा दीया ताला।। कंईया थाके मैले आवा, थाका दरस बिन रह नहीं...
रघुनन्दन तुमको आना होगा, भक्तो को दरश दिखाना होगा, सीता माँ संग लक्ष्मण जी को लाना होगा, सीता माँ संग...
श्याम को दरबार यो तो, दीना को ठिकानो है, वो साथीड़ो पुराणों है, श्याम को दरबार।। तर्ज - एक तेरा...
बैठे हो क्यों ओ सांवरे, हमसे निगाहें फेर कर, कुछ तो इशारा कीजिये, अपने गले लगाइये, गलती हमारी भूल कर,...
हे गिरधर गोपाल लाल तू, आजा मोरे आँगना, माखन मिशरी तने खिलाऊँ, और झुलाऊँ पालणा, हे गिरधर गोपाल लाल तु।।...
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