तोरा मन दर्पण कहलाए हिंदी भजन लिरिक्स
तोरा मन दर्पण कहलाए, भले, बुरे, सारे कर्मों को, देखे और दिखाए।। मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से...
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
तोरा मन दर्पण कहलाए, भले, बुरे, सारे कर्मों को, देखे और दिखाए।। मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से...
सच्चा है माँ का दरबार, मैय्या का जवाब नही। - श्लोक - दरबार हजारो देखे है, पर माँ के दर...
हे माँ तेरी जय हो, तेरे अटल छत्र की जय जय हो, हे माँ तेरी जय हो॥॥ चढ़ सिंघ पे...
हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम, ओ शेरोवाली, ऊँचे डेरों वाली, बिगड़े बना दे मेरे काम।। ऐसा कठिन पल,...
है धन्य तेरी माया जग में, दोहा - नमामि शंकर, नमामि हर हर, नमामि देवा महेश्वरा, नमामि पारब्रह्म परमेश्वर, नमामि...
गोकुल का कृष्ण कन्हैया, सारे जग से निराला है, सांवली सुरतीया है, और मोर मुकुट वाला है, गोकुल का कृष्ण...
सबसे पहले तुम्हे मनाऊँ, दोहा - प्रथमे गौरा जी को वंदना, द्वितीये आदि गणेश, त्रितिये सीमरु शारदा, मेरे कण्ठ करो...
गजानंद महाराज पधारो, कीर्तन की तैयारी है। तर्ज - फुल तुम्हे भेजा है ख़त मे। - श्लोक - प्रथम मनाये गणेश...
एक हरि को छोड़ किसी की, चलती नहीं है मनमानी, चलती नही है मनमानी॥ लंकापति रावण योद्धा ने, सीता जी...
जाएगा जब यहाँ से, कुछ भी ना पास होगा, दो गज कफ़न का टुकड़ा, तेरा लिबास होगा।। काँधे पे धर...
© 2016-2026 Bhajan Diary