जाएगा जब यहाँ से कुछ भी ना पास होगा भजन लिरिक्स

जाएगा जब यहाँ से,
कुछ भी ना पास होगा,
दो गज कफ़न का टुकड़ा,
तेरा लिबास होगा।।



काँधे पे धर ले जाए,

परिवार वाले तेरे,
यमदूत ले पकड़ कर,
डालेंगे घेरे तेरे,
पीटेगा छाती अपनी,
पीटेगा छाती अपनी,
मनवा उदास होगा।
दो गज कफ़न का टुकड़ा,
तेरा लिबास होगा।।



चुन चुन के लकड़ियों में,

रख देंगे तेरे बदन को,
आकर के झट उठाले,
मेहतर तेरे कफ़न को,
देदेगा आग तुझमे,
देदेगा आग तुझमे,
बेटा जो ख़ास होगा।
दो गज कफ़न का टुकड़ा,
तेरा लिबास होगा।।



मिट्टी में मिले मिट्टी,

बाकी तो ख़ाक होगी,
सोने सी तेरी काया,
जल कर के राख होगी,
दुनिया को त्याग तेरा,
दुनिया को त्याग तेरा,
मरघट में वास होगा।
दो गज कफ़न का टुकड़ा,
तेरा लिबास होगा।।



प्रभु का नाम जपले,

बेड़ा ये पार होवे,
माया मोह में फंसकर,
जीवन अमोल खोवे,
हरी का नाम जपले,
हरी का नाम जपले,
बेडा जो पार होगा।
दो गज कफ़न का टुकड़ा,
तेरा लिबास होगा।।



जाएगा जब यहाँ से,

कुछ भी ना पास होगा,
दो गज कफ़न का टुकड़ा,
तेरा लिबास होगा।।


3 टिप्पणी

  1. यह भजन सिर्फ भजन नहीं जिंदगी का यथार्थ है शायद दुनिया अगर इसे अपने जीवन में धारण कर ले तमाम दुनिया की कुरीतियां जातिवाद संप्रदायवाद जैसी बातें समाप्त हो सकते हैं निवेदन करेंगे आज के म्यूजिक डायरेक्टर उसे को भविष्य में ऐसे ही गाना की प्रस्तुति अगर फिल्म उद्योग में रखें तो समाज को एक बेहतर सबक मिलेगा और एक बेहतर देश और दुनिया कायम हो सकेगी

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