ओ मात पिता तुम्हे वंदन मैंने किस्मत से तुम्हे पाया लिरिक्स

ओ मात पिता तुम्हे वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।

मुझे इस दुनिया में लाया,
मुझे बोलना चलना सिखाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।।



मैं जब से जग में आया,

बने तब से शीतल छाया,
कभी सहलाया गोदी में,
कभी कंधो पे है बिठाया,
मेरे सर पर हाथ रखकर,
बस प्यार ही प्यार लुटाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।

मुझे इस दुनिया में लाया,
मुझे बोलना चलना सिखाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।।



मैं उठाकर सर चल पाऊं,

इस लायक तुमने किया है,
कही हाथ नहीं फैलाऊं,
मुझे तुमने इतना दिया है,
मुझे जग की रीत सिखाई,
मुझे धर्म का पाठ पढ़ाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।

मुझे इस दुनिया में लाया,
मुझे बोलना चलना सिखाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।।



माँ बाप की आँखों से मैं,

आंसू बनके ना गिरूंगा,
माँ बाप का दिल जो दुखा दे,
मैं ऐसा कुछ ना करूँगा,
माँ बाप के रूप में मैंने,
भगवान को जैसे पाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।

मुझे इस दुनिया में लाया,
मुझे बोलना चलना सिखाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।।



जब देव भी मात पिता के,

उपकार चूका ना पाए,
‘नाकोड़ा दरबार प्रदीप’,
किन शब्दों में गुण गाए,
मैं फर्ज निभा पाऊं तो,
समझूंगा अंश चुकाया,
ओ मात पिता तुम्हें वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।

मुझे इस दुनिया में लाया,
मुझे बोलना चलना सिखाया,
ओ मात पिता तुम्हे वंदन,
मैंने किस्मत से तुम्हे पाया।।

Singer – Sarvesh Mishra


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