पिंजरा तोड़ चला जागा भाई दुनिया खड़ी लखावे भजन लिरिक्स

पिंजरा तोड़ चला जागा भाई दुनिया खड़ी लखावे भजन लिरिक्स

पिंजरा तोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे,
दुनिया खड़ी लखावे,
रे भाई दुनिया खड़ी लखावे,
पींजरा तोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे।।

तर्ज – बता मेरे यार सुदामा रे।



रे कट्ठा कर लिया माल खजाना,

रे कर के लुट और बेईमाना,
सब यही छोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे,
पींजरा तोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे।।



रे काहे करता मेरा मेरा,

क्या है जग में बन्दे तेरा,
कफ़न बस ओढ़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे,
पींजरा तोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे।।



तुझको चिता बिच में लिटा के,

रे तेरे तन में आग लगा के,
हर कोई छोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे,
पींजरा तोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे।।



पिंजरा तोड़ चला जागा,

भाई दुनिया खड़ी लखावे,
दुनिया खड़ी लखावे,
रे भाई दुनिया खड़ी लखावे,
पींजरा तोड़ चला जागा,
भाई दुनिया खड़ी लखावे।।

Singer – Pramod Kumar


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