ऐ मुरली वाले जादूगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे,
हम तुम पे जान लुटा बैठे,
हम तुम पे जान लुटा बैठे,
बेजान से दिल में सांवरिया,
तेरा आसन आज लगा बैठे
ऐ मुरली वालें जादुगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे।।
तेरी मुरली बड़ी निराली है,
मेरे मन को हरने वाली है,
जिसने भी सुना एक बार इसे,
सुध बुध उसकी हर डाली है,
सारी उमर सुने इसको मोहन,
ये पक्की आस लगा बैठे,
ऐ मुरली वालें जादुगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे।।
सूना था कबसे दिल मेरा,
तेरी सूरत इसमें समाई है,
मुझे चाह रही नहीं दुनिया की,
ये रहमत जबसे पाई है,
ऐसो ही बसों मन मंदिर में,
हम तुमसे नेह लगा बैठे,
ऐ मुरली वालें जादुगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे।।
तू मेरा है मैं तेरा हूँ,
ये जान लिया और मान लिया,
तेरा ही बन कर रहना है,
ये दिल में पक्का ठान लिया,
है ‘रसिक’ तुम्हरा सांवरिया,
चरणों में शीश झुका बैठे,
ऐ मुरली वालें जादुगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे।।
ऐ मुरली वाले जादूगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे,
हम तुम पे जान लुटा बैठे,
हम तुम पे जान लुटा बैठे,
बेजान से दिल में सांवरिया,
तेरा आसन आज लगा बैठे
ऐ मुरली वालें जादुगर,
हम तुम पे जान लुटा बैठे।।
Singer – Riya Sanwariya
Lyricist – Rinku Sharma (Rasik)








