आओ संतोषी मैया आंगने म्हारा दुखडा निवारो ओ जी

आओ संतोषी मैया आंगने,

दोहा – मेहर करो मैया मेरी,
अरज सुनो माँ आय,
हे संतोषी सहाय करो,
थारे निव निव लागू पाव।



आओ संतोषी मैया आंगने,

ओ म्हारा दुखडा निवारो ओ जी,
ओ मैया आरद पधारो ओ जी,
व्रत करू जी शुक्रवार ने,
ओ म्हारा कारज सवारो ओ जी,
ओ मैया आरद पधारो ओ जी।।



गजानंद री जाई आयी वेश में ओ,

लायी शुभ लाभ ओ भायी ओ जी,
के सगला दुखडा मिटायी ओ जी।।



भोग लगावु खाजा खीर का ओ,

चाढु गुड चना चरना मे ओ जी,
के मीठा मेवा ने मिठाई ओ जी।।



कथा सुनावु मैया आपरी ओ,

सोलह शुक्रवार तायी ओ जी,
के मन्दिर थारे चरना आवु ओ जी।।



जोधाणे बढाणे मिन्दर आपरो रे,

गढ देसुरी भाकर माई ओ जी,
के बैठा गणपत अम्बा माई ओ जी।।



आवो संतोषी मैया आंगने,

ओ म्हारा दुखडा निवारो ओ जी,
ओ मैया आरद पधारो ओ जी,
व्रत करू जी शुक्रवार ने,
ओ म्हारा कारज सवारो ओ जी,
ओ मैया आरद पधारो ओ जी।।

गायक – प्रकाश मालीजी & सोनू जोशी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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