ऊंचे पर्वत बनीयो देवरो देव खेतला वालो भजन लिरिक्स

ऊंचे पर्वत बनीयो देवरो,
देव खेतला वालो जगत में,
धाम बडो है निरालो ए हा,
सोनाला मे मिन्दर भारी,
देसुरी मे मिन्दर भारी,
परचो खेतल थारो सोनालो में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।



अरे चार खूट मे द्वार अनोखा,

चार खूट मे द्वार अनोखा,
देवल दीप हजारो जगत में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।



भंवर गुफा मे आप बिराजो,

भंवर गुफा मे आप बिराजो,
भेरू सोनाला वालो जगत में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।



चैत्र सुदी एकम् रो मेलो,

चैत्र सुदी एकम् रो मेलो,
लागे सोनाला वालो जगत में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।



गाँव गाँव री गेरा नाचे,

गाँव गाँव री गेरा नाचे,
भेरू सोनाला वालो जगत में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।



शांतिलाल जी अरज ऊजारे,

शांतिलाल जी अरज ऊजारे,
अर्जुन बालक थारो जगत में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।



ऊंचे पर्वत बनीयो देवरो,

देव खेतला वालो जगत में,
धाम बडो है निरालो ए हा,
सोनाला मे मिन्दर भारी,
देसुरी मे मिन्दर भारी,
परचो खेतल थारो सोनालो में,
धाम बडो है निरालो अरे हा।।

गायक – प्रकाश माली जी & सोनू जोशी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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