झुँझन वाली दादी थारी,
मेंहदी लाया हा,
सिंधारा करवा ले दादी,
सावन आया हा।।
लाल लाल मेंहदी थारे,
हाथा में लगावा,
सोणी सोणी मैया थारे,
हाथा में रचावा,
तारा जड़ी चुनड़ी मैं,
साथ लाया हा,
सिंधारा करवालें दादी,
सावन आया हा।।
सावन आयो मैया थारो,
झूलो मैं घलावा,
दे-दे के हिंडोला दादी,
थाने में झुलावा,
टाबरा की टोली मैया,
साथ लाया हा,
सिंधारा करवालें दादी,
सावन आया हा।।
प्यारी-प्यारी मावड़ी ने,
हाथों से सजावा,
खीर-पुड़ा को दादी,
भोग लगावा,
‘तरुण’ कहे दादी थारा,
मंगल गावा हा,
सिंधारा करवालें दादी,
सावन आया हा।।
झुँझन वाली दादी थारी,
मेंहदी लाया हा,
सिंधारा करवा ले दादी,
सावन आया हा।।
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🎤 गायक / Singer – Tarun Soni
✍️ लेखक / Lyrics – Tarun Soni
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