देव धणी म्हारा देव धणी,
भावना सु ध्यावे,
जापर मेहर गणी।।
उणा माई मंदिर भारी,
महीमा है न्यारी,
स्वर्गा सु सुंदर लागे,
धरती या प्यारी,
दर्शन देवे वो देव,
दुखड़ा हरी,
भावना सु ध्यावें,
जापर मेहर गणी।।
दुरा देशा रा थारे,
आवे नर नारी,
आरती में उबा देखो,
सब मील भाई,
पाती देवे वो मारे देव धणी,
भावना सु ध्यावें,
जापर मेहर गणी।।
गरीबा को है देव,
तु ही रखवालों,
धंधा चलावे रूजक,
रोटी देबा वालों,
भोला भगता पे राखे,
किरपा गणी,
भावना सु ध्यावें,
जापर मेहर गणी।।
नारायण भोपा जी,
थारा लाड लडाया,
पावणा शंभू जी थारी,
चाकरी में आया,
लिख गावे देव थारो,
भजन धणी,
भावना सु ध्यावें,
जापर मेहर गणी।।
देव धणी म्हारा देव धणी,
भावना सु ध्यावे,
जापर मेहर गणी।।
गायक / लेखक – देव शर्मा आमा।
8290376657








