तेरा सेवक ध्यान लगावे ये,
आजा मात भवानी।।
तुम स्वर्ग लोक से आवो,
माताजी दर्श दिखावों,
सत्संग में रंग बरसाओ,
मेरा हिरदा बीच समाओ,
गाने का सुर पकड़ाओ ये,
शुद्ध मुख से निकले वाणी,
तेरा सेवक ध्यान लगाए ये,
आजा मात भवानी।।
तुम काली रूप अखंडी,
मां तुम ही दुर्गा चंडी,
पंडवां की बन गई पंडी,
तेरी जलती जोत अखंड़ी,
तेरी अधर फरुके झंडी ये,
ध्याते ऋषि मुनि ज्ञानी,
तेरा सेवक ध्यान लगाए ये,
आजा मात भवानी।।
सज धज कर रण में चाली,
महिषासुर मारण वाली,
माला गल मुंडन की डाली,
शिव शंकर की घरवाली,
तू ही कलकत्ते की काली ये,
मेरी सुणले करुण कहानी,
तेरा सेवक ध्यान लगाए ये,
आजा मात भवानी।।
मैं धरुं ध्यान मां तेरा,
मेरा कर दे दूर अंधेरा,
बुद्धि का करो सवेरा,
स्वामी मूल चन्द है टेरा,
मेरा ग्राम छापुडा डेरा ये,
नीज धर्माला की ढाणी,
तेरा सेवक ध्यान लगाए ये,
आजा मात भवानी।।
तेरा सेवक ध्यान लगावे ये,
आजा मात भवानी।।
गायक – विजय रोशन।
लेखक – मूल चन्द स्वामी।
9829277522








