तेरे दरवाजे पे,
एक अर्जी छोड़ी है,
पढ़ लेना ओ बाबा,
ये बहुत जरूरी है।bd।
तर्ज – सावन का महीना।
दर्शन को तेरे आया,
खुद को भुलाया,
पड़ा था जो मेरे मन में,
कह भी ना पाया,
टूटी फूटी वाणी,
लग सकती अधूरी है,
पढ़ लेना ओ बाबा,
ये बहुत जरूरी है।bd।
अकेले में पढ़ना बाबा,
जग ना हंसाना,
नादान की लज्जा को,
प्रेम से निभाना,
‘पंछी’ की तू हरदम,
समझे मजबूरी है,
पढ़ लेना ओ बाबा,
ये बहुत जरूरी है।bd।
तेरे दरवाजे पे,
एक अर्जी छोड़ी है,
पढ़ लेना ओ बाबा,
ये बहुत जरूरी है।bd।
Singer – Kanika Grover








