मेरा ध्यान रखने वाले,
मेरे दादा बैठे है,
मेरे दिल की धड़कन में,
मेरे दादा रहते है,
मेरा ध्यान रखने वालें।।
मेरे सुख दुख में रहते है,
ये सदा ही मेरे साथ,
मेरी सदा ही रक्षा करते,
चाहे दिन हो या रात,
चरणों मे बिठाकर मुझको,
ये प्यार करते है,
मेरे दिल की धड़कन में,
मेरे दादा रहते है,
मेरा ध्यान रखने वालें।।
मेरी मन की आंखों से,
होता इनका दीदार,
इनकी दिव्य कृपा से,
हर स्वपन हुआ साकार,
जब जब भी देखु मूरत,
ये हंसते रहते है,
मेरे दिल की धड़कन में,
मेरे दादा रहते है,
मेरा ध्यान रखने वालें।।
हम भक्तो की है दादा,
बस एक यही फरियाद,
हम साथ रहे जन्मों तक,
रखना दादा ये याद,
संयम ओर दिलबर के,
ये दिल मे रहते है,
मेरे दिल की धड़कन में,
मेरे दादा रहते है,
मेरा ध्यान रखने वालें।।
मेरा ध्यान रखने वाले,
मेरे दादा बैठे है,
मेरे दिल की धड़कन में,
मेरे दादा रहते है,
मेरा ध्यान रखने वालें।।
गायक – संयम नाबेड़ा (हैदराबाद)
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’
नागदा जक्शन म.प्र.
मो. 9907023365








