वक्त तो दो बाबा को,
वो वक्त बदल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
तर्ज – सावन का महीना।
मेहनत जो कि है तूने,
रंग दिखलाएगी,
सांवरे कि किरपा प्यारे,
तुझपे हो जाएगी,
तेरे सबर का तुझको,
मीठा सा फल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
परखेगा भाव तेरे,
पास है या फेल है,
किस्मत बदलना तो फिर,
चुटकियों का खेल है,
रखना भरोसा तेरी,
मुश्किल का हल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
बार बार ऐसा होगा,
तुझको गिराएगा,
पैरों पे चलना तुझको,
सांवरा सिखाएगा,
आज नहीं तो प्यारे,
तुझको वो कल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
एक पल में प्यारे कुछ भी,
होता नहीं है,
पेड़ बन जाता यूं ही,
पौधा नहीं है,
गम के तूफानो से,
लड़ने का बल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
अकेला कभी वो तुझको,
छोड़ता नहीं है,
रखता नजर है मुख वो,
मोढ़ता नहीं है,
कहे ‘सचिन’ कि रस्ता,
मेरा श्याम सरल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
वक्त तो दो बाबा को,
वो वक्त बदल देगा,
हाथ पकड़ के तेरा,
तेरे साथ वो चल देगा।।
Singer – Pradeep Pushp Ji
Upload – Nitìn Sharma
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