सब मिलके हाँ जी सब मिलके,
सब मिलके चालो सब मिलके,
आयो श्याम धणी को मेलो,
चालो सब मिलके।।
रंग बिरंगी ध्वजा लहराए,
श्याम निशान सगला कष्ट मिटाए,
प्रेम स्यूं लावां मेह निशान सिमके,
प्रेम स्यूं लावां मेह निशान सिमके,
आयों श्याम धनी को मेलों,
चालो सब मिलके।।
माई बाबू संगी साथी सबने ले जावां,
श्याम धनी के जाके धोक लगावां,
होली खेलांगा सगला हिलमिल के,
होली खेलांगा सगला हिलमिल के,
आयों श्याम धनी को मेलों,
चालो सब मिलके।।
ढोलक की थाप पे जब भक्त है थिरके,
देखे भगतां ने “सोनू” सांवरो है हरखे,
सिंहासन छोड़ बाबो आवे चल के,
सिंहासन छोड़ बाबो आवे चल के,
आयों श्याम धनी को मेलों,
चालो सब मिलके।।
सब मिलके हाँ जी सब मिलके,
सब मिलके चालो सब मिलके,
आयो श्याम धणी को मेलो,
चालो सब मिलके।।
स्वर – राधा चौधरी।
लेखिका – स्मिता शर्मा सोनू।








