रंगों की बहार आई लखदातार,
बैठे सूरत बना के क्यों भोली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली।bd।
फागण का मौसम आया,
रंग भरी है खुशियां लाया,
धरती ने ली अंगड़ाई,
है प्रेम गगन पे छाया,
आए भक्त तेरे रंगों से भर झोली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली।bd।
आ गए प्रेमी खाटू में,
हर ओर है मचे धमाल,
काले काले गालों को,
तेरे कर जाएंगे लाल,
तेरे भक्तों की बाबा आ गई टोली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली।bd।
होली में मगन हो मन,
चरणों से लगे लगन,
कहीं ढोल नगाड़ा बाजे,
कहीं बाज रही है चंग,
‘बेधड़क’ उड़ते रंग है अबीर रोली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली।bd।
रंगों की बहार आई लखदातार,
बैठे सूरत बना के क्यों भोली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली,
निकलो मंदिर से,
खेलांगा श्याम होली।bd।
Singer – Lakhbir Singh Lakha Ji








