या तो साडु मां सुती वो बादल महल में,
दोहा – साडु माता गुर्जरी तपस्या किदी भारी,
मालासेरी डुंगरी ज्याने आय मिल्या गिरधारी।
**हे हां**
या तो साडु मां सुती वो बादल महल में,
ये तो सुता सुता रंग महेला के माय।
सपना में आया देवजी,
नारायण आया पावणा।।
**हे हां**
धणी म्हारा साडु मां सुती बादल महल में,
यो तो आयो आयो हाल वो जंजाल।
सपना में आया देवजी,
सपना में आया देवजी।।
**हे हां**
साडु हीरा ने जट सु हेलो पाड़ीयो,
हीरा सुती होवे तो जट सु जाग।
गोंदिया में आवे देवजी।।
**हे हां**
हीरा रात को सपनो तो एड़ो आवियो,
म्हाने आया आया हाल वो जंजाल।
सपना में आया देवजी।।
**हे हां**
माता सपना की बाता सांची कोईने,
थे तो सो जाओ ने।
कोनी सांची बात,
गोंदिया में कोने देवजी।।
**हे हां**
साडु कैवे सुण हीरा म्हारी बात ने,
आपा चाला चाला मालासेरी के माय।
नारायण आवे पावणो।।
**हे हां**
हीरा घेर घुमेरो पेरो घाघरों,
थे तो पेरो पेरो गेंद कला का हार।
नारायण आवे पावणो।।
**हे हां**
हीरा रतडीया जुता दे रणझण बाजणी,
थे तो बैल्या के बांधों वो घुंघर माल।
चाला वो धर्म की डुगरी।।
**हे हां**
साडु स्मुरण की माला वो लिदी हाथ में,
या तो लेवे लेवे देव धणी का नाम।
नारायण आवे पावणो।।
**हे हां**
माता रात को सपनो तो झुठो आवियो,
हे थाने झुठा आया हाल वो जंजाल।
नारायण आया कोईने।।
ये तो सिंहासन धुजे वो राजा राम का,
यो तो धुजे धुजे विष्णु वो लोक।
नारायण आया कोईने।।
(अब साडु माता गुर्जरी मालासेरी डुंगरी पर माला फेरे और भगवान विष्णु ने याद करें। भगवान विष्णु तो साडु माता ने दियो वजन भुल ग्या। अब उस भक्ती से भगवान को सिंहासन धुजे तो भगवान नारद जी महाराज ने कैवे नारद इ धरती पर कोई म्हारी जोरदार भक्ति करें म्हाने बताओं। नारद जी महाराज मालासेरी डुंगरी पर जावें जठे साडु माता भक्ति करें तो अब भगवान विष्णु ने कैवे प्रभु आप तो वचन भुल ग्या पर साडु माता गुर्जरी नहीं भुली। आप अब साडु माता की गोद में खेल बा को दिन आग्यो है।)
**हे हां**
हीरा भाटा भाटा पर दिवला जुत ग्या,
या तो हरी हरी होगी वनराय।
नारायण आवे पावणो।।
**हे हां**
हीरा भाटा भाटा पर फुलडा उगियो,
हे फुलडा लुल लुल झोला वो खाय।
मालासेरी डुंगरीया।।
(अब साडु माता गुर्जरी हीरा दासी ने कैवे के हीरा जा भगवान ने गोदी में ले आजा। हीरा दासी भगवान ने गोदी में लेबा लागे तो फुलडो आतुणो घुम जावे। आतुणा जावे तो फुलडो उगाणो घुम जावे।)
**हे हां**
यो तो आतुणो लुल ग्यो कमल को फुलडो,
फुलडा लुल लुल झोला वो खाय।
मालासेरी डुंगरीया।।
**हे हां**
हीरा कमल कलियां में बंसी बाज री,
ये तो आया आया त्रिलोकी नाथ।
नारायण आया पावणा।।
**हे हां**
साडु सत की साड़ी का पला खोल दे,
ये तो आया आया त्रिलोकी का नाथ।
नारायण आया पावणा।।
**हे हां**
हीरा मालासेरी धरम की डूंगरी,
जठे आया आया देव धणी दरबार।
नारायण आया पावणा।।
**हे हां**
नारायण खेमाणा नगरी में थाको देवरों,
थारा मन्दिर माई जगमग ज्योत।
नारायण आया पावणा।।
**हे हां**
देवजी लोकेश गाडरी महीमा थाकी गावें,
यो तो गावें गावें थाका गुण गान।
नारायण आया पावणा।।
**बोलो श्री देवनारायण भगवान की जय**
गायक – प्रेम शंकर जी जाट
प्रेषक – लोकेश गाडरी, खेमाणा
मोबाइल – 7850970321








