सोने के कटोरिया में,
दूध भात,
गोदिया कन्हैया पूत हो,
यशोदा घूमी घूमी,
कान्हा के खियावेळी,
चंदा के बोलावेली हो,
यशोदा घूमी घूमी,
कान्हा के खियावेळी,
चंदा के बोलावेली हो।।
आर आव चंदा मामा,
पार आव,
नदिया किनारे आव हो,
चंदा आव ना आंगनवा हमार,
कन्हैया मोरा खेलस हो,
चंदा आव ना आंगनवा हमार,
कन्हैया मोरा खेलस हो।।
सोने के थरिया मंगाई देबो,
जलवे भराई देबो हो,
सोने के थरिया मंगाई देबो,
जलवे भराई देबो हो,
ऐ चंदा आयीं ना अंगना हमार,
कन्हैया मोरा खेलस हो,
ऐ चंदा आयीं ना अंगना हमार,
कन्हैया मोरा खेलस हो।।
सोने के कटोरिया में,
दूध भात,
गोदिया कन्हैया पूत हो,
यशोदा घूमी घूमी,
कान्हा के खियावेळी,
चंदा के बोलावेली हो,
यशोदा घूमी घूमी,
कान्हा के खियावेळी,
चंदा के बोलावेली हो।।
गायक – मित तिवारी “अंकुर”
प्रेषक – राकेश मणि पाण्डेय।
+977 9822509591








