वाह रे मनमोहना रिझाई डारे रे छत्तीसगढ़ी भजन लिरिक्स

वाह रे मनमोहना,
रिझाई डारे रे,
वारे दिल जोगना,
तरसाई डारे रे,
बंसी के धुन मा,
राधा ला नचाई डारे रे,
मुरली के धुन मा,
राधा ला नचाई डारे रे।।



राधा ही दीवानी तोरी,

मीरा है दीवानी तोरी,
महुला दीवानी बनाए,
मुरली बजा के कान्हा,
बंसी बजा के कान्हा,
गोपी संग रास रचाए,
वारे बेल बिल्हा,
ईतराई डारे रे,
वारे तुलमुल हा,
अखियांई डारे रे,
सांवर रंग मा मोला तै,
रंगाई डारे रे।।



गैया ला चराए तै हां,

माखन ला चुराए तै हां,
गोपी मन ला तै सताए,
छुम छुम भाग के,
झूम झूम नाच के,
पांचू पांचू सबला भगाए,
वाह रे रंगरसिया,
रसाई डारे रे,
वाह रे मन बसिया,
मोहाई डारि रे,
मुरली के धुन मा,
राधा ला नचाई डारे रे।।



कान्हा ही सीताराम,

कान्हा ही राधेश्याम,
मीरा के गिरधर गोपाला,
पार लगा दे बिगड़ी बना दे,
नटखट यशोदा के लाला,
‘सरला गन्धर्व’ ला,
थे बंधाई डारे रे,
मुरली के धुन मा,
राधा ला नचाई डारे रे।।



वाह रे मनमोहना,

रिझाई डारे रे,
वारे दिल जोगना,
तरसाई डारे रे,
बंसी के धुन मा,
राधा ला नचाई डारे रे,
मुरली के धुन मा,
राधा ला नचाई डारे रे।।

स्वर – सरला गन्धर्व।
प्रेषक – डिकेश्वर।
6268187452


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