वो हटा रहे है परदा सर-ऐ-बाम चुपके चुपके भजन लिरिक्स

वो हटा रहे है परदा,
सर-ऐ-बाम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-शाम चुपके चुपके।।



ये झुकी झुकी निगाहें,

ये हसी हसी इशारे,
मुझे दे रहे है शायद, 
मुझे दे रहे है शायद,
वो पयाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-बाम चुपके चुपके।।



ना दिखाओ चलते चलते,

यूँ कदम कदम पे शोखी,
कोई क़त्ल हो रहा है,
कोई क़त्ल हो रहा है, 
सर-ऐ-आम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-बाम चुपके चुपके।।



कभी शोख़िया दिखाना,

कभी उनका मुस्कुराना,
ये अदाएं कर ना डाले,
ये अदाएं कर ना डाले,
मेरा काम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-बाम चुपके चुपके।।


 
ये जो हिचकिया मुसलसल,
मुझे आ रही है आलम,
कोई ले रहा है शायद,
कोई ले रहा है शायद,
मेरा नाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-बाम चुपके चुपके।।



वो हटा रहे है परदा,

सर-ऐ-बाम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-शाम चुपके चुपके।।


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