प्रथम पेज दुर्गा माँ भजन वीणा वादिनी माँ हंस वाहिनी माँ भजन लिरिक्स

वीणा वादिनी माँ हंस वाहिनी माँ भजन लिरिक्स

वीणा वादिनी माँ,
हंस वाहिनी माँ,
तेरे ज्ञान से रोशन है,
सारा जहान,
कृपा तेरी जिस घर में,
हो जाएगी माँ,
कभी अज्ञान इक पल,
ना ठहरे वहाँ,
वीणा वादिनी मां,
हंस वाहिनी मां,
तेरे ज्ञान से रोशन है,
सारा जहान।।

तर्ज – अच्युतम केशवम।



नवल उत्थान दो,

दया वरदान दो,
अपनी वीणा से,
भक्ति की तान सुना,
वीणा वादिनी मां,
हंस वाहिनी मां,
तेरे ज्ञान से रोशन है,
सारा जहान।।



मन में अपने कोई,

मोह माया ना हो,
फिक्र चिंता का,
मिट जाए नामोनिशान,
वीणा वादिनी मां,
हंस वाहिनी मां,
तेरे ज्ञान से रोशन है,
सारा जहान।।



कल कल बहती रहे,

तेरी करुणा की धार,
विद्या दायिनी,
भूलों को करना क्षमा,
वीणा वादिनी मां,
हंस वाहिनी मां,
तेरे ज्ञान से रोशन है,
सारा जहान।।



वीणा वादिनी माँ,

हंस वाहिनी माँ,
तेरे ज्ञान से रोशन है.
सारा जहान,
कृपा तेरी जिस घर में,
हो जाएगी माँ,
कभी अज्ञान इक पल,
ना ठहरे वहाँ,
वीणा वादिनी मां,
हंस वाहिनी मां,
तेरे ज्ञान से रोशन है,
सारा जहान।।

Singer – Avinash Karn



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१. माँ शारदे माँ शारदे।
२. करुणामयी वरदायिनी।
३. माँ शारदे कहाँ तू वीणा।


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