महिमा भारी तिलक की को कर सके बखान

महिमा भारी तिलक की,
को कर सके बखान,
आप तिलक को मानिये,
श्री विष्णू भगवान।।



जिसके माथे पर तिलक,

की होती है छाप,
भूत प्रेत ही दूर से,
भग जाते चुपचाप।।



माथे की शोभा तिलक,

तिलक हमारी शान,
बिना तिलक माथा लगे,
बिल्कुल ही सुनसान।।



तिलक करे परिवार को,

शक्ति शांति प्रदान,
आप लगाकर देखिये,
हो जाये कल्याण।।



तन मन को शीतल करे,

ये चंदन की छाप,
कट जाते है लगाते,
जन्म जन्म के पाप।।



तिलक लगाने से मिले,

बुद्धि ज्ञान सम्मान,
तिलक हमारे धर्म की,
होती है पहचान।।



वैष्णव जन के तिलक में,

विष्णु लक्ष्मी निवास,
इसीलिये इस तिलक की,
महिमा सबसे खास।।



बिना तिलक होता नहीं,

कोई पूजा पाठ,
तिलक लगायें आप सब,
सदा रहेंगा ठाठ।।



महिमा भारी तिलक की,

को कर सके बखान,
आप तिलक को मानिये,
श्री विष्णू भगवान।।

जय राम जी की।