थोरा पिताजी चारता रे गाय पाबूजी राठौड़ भजन

थोरा पिताजी चारता रे गाय,
थेतो पाबूजी रा होता पोलीया रे ए जी,
ए चरावन ने झीजनीयो रे जोढ,
गायो रे चरावन ने झीजनीयो रे जोढ,
ए पानीडो पीवा ने नाडी निम्बली रे ए जी।।



ए चरावन ने झीजनीयो रे जोढ,

गायो रे चरावन ने झीजनीयो रे जोढ,
ए पानीडो पीवा ने नाडी निम्बली रे ए जी,
ए वटे आयो पाबू रो रे सूर,
वटे पीवा आयो पाबू रो रे सूर,
अरे हेरवीया सुहर ने थेतो मारीयो रे ए जी।।



अरे मरते सुहर मेली रे डाढ वटे,

मरते सुहर मेली रे डाढ,
ए चांदे रे कानो में आवाजो ऊतरी रे ए जी,
ए दमन धुनो दिनो अब हाथ कोई,
दामन धुनो दिनो अब हाथ,
ए अहमदाबाद धमाको बोलीयो रे ए जी।।



ए मारन वाला मुंडे रे बोल सुहर ने,

मारन वाला मुंडे रे बोल,
अब जीवतो छोडु मै थारो डिकरो रे ए जी,
ए कालु खीची म्हारो रे नाम भिलना,
कालु खीची म्हारो रे नाम,
जायल जिन्दरावल कहिजु डिकरो रे ए जी।।



वटे छोडी नागो री रे नाल भीलने,

छोडी वटे नागों रे नाल,
अरे बैल बनाके माथो फोडियो रे ए जी।।



अरे तीन दीना सु पड्यो रे दाग,

वटे तीन दिना सु पड्यो रे दाग,
सुहर ने पहुंचायो पाबू री कोठडी रे ए जी,
ए क्षत्रिय वंश रे वेले रे आव देवी,
अब क्षत्रिय वंश रे वेले रे आव,
ए पाबू रे आईजो रे पगा रे पागडे रे ए जी।।



अब खेवु डुंगलीयो रे धूप,

देवी खेवु डुंगलीयो रे धूप,
अरे धूपा रे घमरोले वेगा आवजो रे ए जी,
अरे सिवरू देवी सुन्धा रे राय,
भवानी सिवरू देवी नागाणा री राय,
अरे भारत में सिवरू भवानी कालका रे ए जी।।



थोरा पिताजी चारता रे गाय,

थेतो पाबूजी रा होता पोलीया रे ए जी,
ए चरावन ने झीजनीयो रे जोढ,
गायो रे चरावन ने झीजनीयो रे जोढ,
ए पानीडो पीवा ने नाडी निम्बली रे ए जी।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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