तेरी मुरलिया ने बनाया दीवाना कान्हा रे कान्हा भजन लिरिक्स

तेरी मुरलिया ने बनाया दीवाना कान्हा रे कान्हा भजन लिरिक्स

तेरी मुरलिया ने,
बनाया दीवाना,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।।

श्लोक – मुरली वारे मोहना,
तोरी मुरली नैक बजाए,
तोरी मुरली ने मेरो मन हरयो,
मोहे घर अंगना ना सुहाए।

तेरी मुरलिया ने,
बनाया दीवाना,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।।



चाहे मुझे रोके कोई,

चाहे मारे ताना,
तेरे लिए छोड़ा,
सारा जमाना,
बांसुरी की तान मुझको,
बांसुरी की तान मुझको,
फिर से सुनाना रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।

तेरी मुरलियाँ ने,
बनाया दीवाना,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।।



पनिया भरन को आई,

चलके डगरिया,
बांसुरी की तान सुन सुन,
छलके गगरिया,
आई हूँ तुझसे मिलने,
आई हूँ तुझसे मिलने,
करके बहाना रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।

तेरी मुरलियाँ ने,
बनाया दीवाना,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।।



झुटे है वादे तेरे,

झूठी तेरी प्रीत है,
निशदिन जलाए जिया,
ऐसो मन मीत है,
परसों की कह के जाना,
परसों की कह के जाना,
बरसों ना आना रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।

तेरी मुरलियाँ ने,
बनाया दीवाना,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।।



तेरी मुरलिया ने,

बनाया दीवाना,
कान्हा रे कान्हा,
कान्हा रे कान्हा।।


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