तेरी मस्ती में झूमे जग सारा कृष्ण भजन लिरिक्स

तेरी मस्ती में झूमे जग सारा,
माना मैंने तू है हारे का सहारा,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
कन्हैया तेरा दर मुझको भा गया,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया।।



मेरा हाल क्या मैं तुझको बताऊँ,

बस दिन रात तेरा गुण गाऊं,
तेरे दर मिलता डूबो को किनारा,
माना मैंने तू है हारे का सहारा,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
कन्हैया तेरा दर मुझको भा गया।।



जबसे मन में कान्हा तुमको बसाया है,

मेरे ख़्वाबों में भी मैंने तुम्हे पाया है,
खेल है बाकी नज़र का सारा,
माना मैंने तू है हारे का सहारा,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
कन्हैया तेरा दर मुझको भा गया।।



जबसे तेरा नाम मुख से उचारा है,

तेरे ‘बृजवासी’ को तूने ही संवारा है,
‘हेमंत’ बोले सदा तेरा ही जयकारा,
माना मैंने तू है हारे का सहारा,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
कन्हैया तेरा दर मुझको भा गया।।



तेरी मस्ती में झूमे जग सारा,

माना मैंने तू है हारे का सहारा,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया,
कन्हैया तेरा दर मुझको भा गया,
सांवरिया तेरा दर मुझको भा गया।।

Singer – Hemant Brijwasi


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