सुन सुन रे मारी काया ये रंगीली भजन लिरिक्स

सुन सुन रे मारी काया ये रंगीली,
कुसंगत में जावे मत ना,
आत्मा के दाग लगावे मत ना।।



रामजी बनायो थाने सोना बरणी,

सोना को पीतल बनावे मत ना,
आत्मा के दाग लगावे मत ना।।



राम जी बनाया थाने हीरा बरणी,

हीरा को काकरो बनावे मत ना,
आत्मा के दाग लगावे मत ना।।



रामजी बनायो थाने कोयल बरनी,

कोयल को कागलो बनावे मत ना,
आत्मा के दाग लगावे मत ना।।



सुन सुन रे मारी काया ये रंगीली,

कुसंगत में जावे मत ना,
आत्मा के दाग लगावे मत ना।।

प्रेषक – शेरा लाखेरी बूंदी
88 900 68460


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