थारे पगा तो उबाणी आऊँ म्हारी माँ ये सोना रा झांझर बाजणा

थारे पगा तो उबाणी आऊँ म्हारी माँ ये सोना रा झांझर बाजणा

थारे पगा तो उबाणी,
आऊँ म्हारी माँ,
ये सोना रा झांझर बाजणा,
ये मैया सोना रा झांझर बाजणा।।



ओ थारा माता पे टिकलो,

ल्याई म्हारी माँ २,
सोना रा झांझर बाजणा,
मैया सोना रा झांझर बाजणा।।



ओ थारा पगा में पायल,

ल्याई म्हारी माँ २,
मैया सोना रा झांझर बाजणा।।



ओ थारा ऊँचा डूंगर पर,

आई म्हारी माँ २,
पैड़ियाँ की चढाई,
ऊँची पड़े म्हारी माँ,
मैया सोना रा झांझर बाजणा।।



बरवाड़ा नगरी में म्हारी,

माताजी को धाम है,
ओ थारा माता पे टिकलो,
ल्याई म्हारी माँ,
सोना रा झांझर बाजणा।।



थारा हाथां में चुडलो,

ल्याऊं म्हारी माँ २,
सोना रा झांझर बाजणा।।



ओ थारे कमर कणगति,

ल्याई म्हारी माँ २,
सोना रा झांझर बाजणा।।



ओ थारी मंडली में,

महिमा गाऊँ म्हारी माँ २,
थारे चेतन सैनी गुण,
गावे म्हारी माँ २,
शेर की सवारी प्यारी,
लागे म्हारी माँ।।



ओह थारे सोना रा झांझर,

बाजे म्हारी माँ २,
दुरां रा आवे थारे जातरी,
मैया दुरां रा आवे थारे जातरी,
ये मैया सोना रा झांझर बाजणा।।



थारे पगा तो उबाणी,

आऊँ म्हारी माँ,
ये सोना रा झांझर बाजणा,
ये मैया सोना रा झांझर बाजणा।।

सिंगर – चेतन जी सैनी सुल्तानपुर वाले।
प्रेषक – रामस्वरूप लववंशी


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें