सिवरू देवी शारदा गणपत जी थाने ध्यावु रे फागण गीत लिरिक्स

सिवरू देवी शारदा,
गणपत जी थाने ध्यावु रे,
अरे सिवरू देवी शारदा,
गणपतजी थाने ध्यावु रे,
हे भूल्या चूक्या गीतडा,
हिरदा में ल्यावु रे के देवी शारदा,
जियो जियो रे देवी शारदा,
थाने लीलडीया नारेल चाढू रे,
के देवी शारदा।।



ठाकुरजी रे मिन्दर मे,

सोने रा पाट जडीया रे,
अरे ठाकुरजी रे मिन्दर मे,
सोने रा पाट जडीया रे,
हे लक्ष्मण जी मिन्दर मे,
रूपे रा जडीया रे,
के खुलीयो दरवाजों,
जियो जियो रे खुलीयो दरवाजों,
ए गेरीया दर्शन ने आया रे,
के खुलीयो दरवाजों।।



राम ने लक्ष्मण री जोडी,

रण रा वन मे चाली रे,
अरे राम ने लक्ष्मण री जोडी,
रण रा वन में चाली रे,
हे रण रा वन में जायने,
वे बाग लगायो रे,
के बाडी सीता रे,
अरे रण रा वन में जायने,
वे बाग लगायो रे,
के बाडी सीता री,
जियो जियो के बाडी सीता री,
सीता जी वालो सोहन मोरीयो,
केे बाडी सीता री।।



नगाडे रो डाको देने,

हनुमान चढीया रे,
अरे नगाडे रो डाको देने,
हनुमान चढीया रे,
हे जायेने लंका रे बारे,
घेरो दिनो रे,
के रावण मारीयो,
अरे जायेने लंका रे बारे,
घेरो दिनो रे,
के रावण मारीयो,
जियो जियो के रावण मारीयो,
लंका रो राज विभीषण ने दिनो रे,
के रावण मारीयो।।



ए हे द्वारिका जावो तो,

भाया दंडोत करता जाईजो रे,
अरे द्वारिका जावो तो भाया,
दंडोत करता जाईजो रे,
हे पाछा गिरता गोमती,
स्नान करजो रे,
के ईश्वर नाम री,
अरे पाछा गिरता गोमती,
स्नान करजो रे,
के हरि रे नाम री,
जियो जियो रे हरि रे नाम री,
थारी काया रो कल्याण होवे रे,
ईश्वर नाम री।।



ए हे तेल ने सिन्दूर बाबो,

हनुमान मांगे रे,
अरे तेल ने सिन्दूर बाबो,
हनुमान मांगे रे,
हे बकरियाँ री जोड तो,
मामोजी मांगे रे,
के मोटा मामोजी,
अरे बकरियाँ री जोड तो,
मामोजी मांगे रे,
के मोटा मामोजी,
जियो जियो के मोटा मामोजी,
वडली रो भेरू जात मांगे रे,
के मोटा मामोजी।।



ए हे जोधाणा री देवी माता,

नाहर ने सिणघारे,
अरे जोधाणा री देवी माता,
नाहर ने सिणघारे रे,
हे नाहर ने सिणघार देवी,
हेलो पाडे रे,
के धुंजे जोधाणो,
अरे नाहर ने सिणघार देवी,
हेलो मारे रे,
के धुंजे जोधाणो,
जियो जियो रे धुंजे जोधाणो,
किल्ले री नीव धडका खावे रे,
के धुंजे जोधाणो।।



ए हे साथीडो रो जोडो ओतो,

द्वारिका जी जावे,
अरे साथीडो रो जोडो ओतो,
द्वारिका जी जावे रे,
हे लारे थारी घरवाली,
आ हरिजश गावे रे,
के अलगी द्वारिका,
अरे लारे थारी घरवाली,
आ हरिजश गावे रे,
के अलगी द्वारिका,
जियो जियो के अलगी द्वारिका,
थारा आवता साम्भेला करसु रे,
के अलगी द्वारिका।।



ए हे झीणा झीणा घूंगरा,

माता रे थान बाजे रे,
अरे झीणा झीणा घूंगरा,
माता रे थान बाजे रे,
अरे मोटा मोट घूंगरा,
भेरू रे बाजे रे,
के भेरू लटीयालो,
अरे मोटा मोटा घूंगरा,
भेरू रे बाजे रे,
के भेरू लटीयालो,
जियो जियो रे भेरू लटीयालो,
मिन्दर मे भोपा घूमर गाले रे,
के भेरू लटीयालो।।



ए हे राजा रामजी बापजी रे,

गाया वालो धीनो रे,
अरे राजा रामजी बापजी रे,
गाया वालो धीनो रे,
हे जोधाणे तो जायने,
मंगवायी झीणा रे,
के मिन्दर चुनवायो,
अरे जोधाणे तो जायने,
मंगवायी झीणा रे,
के मिन्दर चुनवायो,
जियो जियो के मिन्दर चुनवायो,
महला रे माई मोती पोया रे,
मिन्दर चुनवायो।।



ए हे हिरा ने पन्ना री चादर,

राजा रामजी ओडे रे,
अरे हिरा ने पन्ना री चादर,
राजा रामजी ओडे रे,
हे कलजुग आयो देखने,
एकांत पोढे रे,
के राजा रामजी,
अरे कलजुग आयो देखने,
एकांत पोढे रे,
के राजा रामजी,
जियो जियो के राजा रामजी,
ये सेवकीया चरना मे आवे रे,
के राजा रामजी।।



ए हे लाम्बोडा सिंगो री गाया,

ऊबी ढेन पडगी रे,
अरे लाम्बोडा सिंगो री गाया,
ऊबी ढेन पडगी रे,
ए होली थारा गेरीया,
गुजरात ढलगा रे,
के वाने मनावो,
अरे होली थारा गेरीया,
गुजरात ढलगा रे,
के वाने मनावो,
जियो जियो के वाने मनावो,
ओ होली रो त्यौहार आयो रे,
के वाने मनावो।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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