नेता खावे धन प्रजा रो वाने कुण वरजे रे फागण गीत

नेता खावे धन प्रजा रो,
वाने कुण वरजे रे,
अरे नेता खावे धन प्रजा रो,
वाने कुण वरजे रे,
हे बाड खेत ने खावन लागी,
बढी अनीति रे,
के भारत मायने,
अरे बाड खेत ने खावन लागी,
बढी अनीति रे,
के भारत मायने,
जियो जियो के भारत मायने,
ओ भ्रष्ट हो गयो राज सारो रे,
के भारत मायने।।



ए हे वोट तो करावो नेता,

राम माते राखीजो,
अरे वोट तो करावो नेता,
राम माते राखो रे,
ए रावण बनने जनता रे,
लारे मत लागो रे,
के भारत मायने,
अरे रावण बनने जनता रे,
लारे मत लागो रे,
के भारत मायने,
जियो जियो रे भारत मायने,
आ राम कृष्ण री धरती प्यारी रे,
के भारत मायने।।



ए हे राशन कार्ड पट्टो बनावो,

नकल खेत री निकालो रे,
अरे राशन कार्ड पट्टो बनावो,
नकल खेत री निकालो रे,
ए पैसो देवो काम हो जावे,
नही तर भटको रे,
के दफ्तर मायने,
अरे पैसो देवो काम हो जावे,
नही तर भटको रे,
के दफ्तर मायने,
जियो जियो अफसरा लार रे,
जनता रो भाई कुण रखवालो रे,
के भारत मायने।।



ए हे साची बाता केवे कोई,

उनरी जांच बैठावे रे,
अरे साची बाता केवे कोई,
उनरी जांच बैठावे रे,
अरे उल्टा चोर कोतवाल डाटे,
कुण समझावे रे,
के भारत मायने,
अरे अरे उल्टा चोर कोतवाल डाटे,
कुण समझावे रे,
के भारत मायने,
जियो जियो रे भारत मायने,
ए अन्ना हजारे सही समझावे रे,
के भारत मायने।।



ए हे सरकारी खजानों खावे,

लाज शर्म नहीं आवे रे,
अरे सरकारी खजानों खावे,
लाज शर्म नही आवे रे,
ए बोरा भर रूपीयो री गादी,
तकीया लगावे रे,
के नेता आपना,
अरे बोरा भर रूपीयो री गादी,
तकीया लगावे रे,
के नेता आपना,
जियो जियो के नेता आपना,
नेताजी थोडो राम राखो रे,
के नेता आपना।।



ए हे वोट दे जीतावे जनता,

बाता ठोके मोटी रे,
अरे वोट दे जीतावे जनता,
बाता ठोके मोटी रे,
ए कुर्सी माते बैठ भूल्या,
कसमा सारी रे,
के नेता आपना,
अरे कुर्सी माते बैठ भूल्या,
कसमा सारी रे,
के नेता आपना,
जियो जियो के नेता आपना,
ज्याने पाँच साल रो राज मिलीयो रे,
के नेता आपना।।



ए हे पाताला मे पुगो पानी,

भूंडा हाल करसा रे,
अरे पाताला मे पुगो पानी,
भूंडा हाल करसा रे,
ए इन्द्र रूटीयो धरती सु,
कुण सार लेवे रे,
के मरूधर मायने,
अरे इन्द्र रूटीयो धरती सु,
कुण सार लेवे रे,
के मरूधर मायने,
जियो जियो रे मरूधर मायने,
गौ माता बैठी भूखी प्यासी रे,
के मरूधर मायने।।



ए हे धर्म कर्म मिटीयो दुनिया सु,

गली गली में रावण रे,
अरे धर्म कर्म मिटीयो दुनिया सु,
गली गली में रावण रे,
ए भाई भाई रो वैरी बनगो,
छायो आतंक रे,
के भारत मायने,
अरे भाई भाई रो वैरी बनगो,
छायो आतंक रे,
के भारत मायने,
जियो जियो रे भारत मायने,
ओ संसद माते हमलो होवे रे,
के भारत मायने।।



ए हे आवो भाया भ्रष्टाचार री,

होली आज जलावा रे,
अरे आवो भाया भ्रष्टाचार री,
होली आज जलावा रे,
ए देश प्रेम री बात चोरा ने,
मिल समझावा रे,
के चेतो राखजो,
अरे देश प्रेम री बात चोरा ने,
मिल समझावा रे,
के चेतो राखजो,
जियो जियो के चेतो राखजो,
नव भारत रो निर्माण करावा रे,
के चेतो राखजो।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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