श्यामा मेला में ले चालू रे तने दिवाद्युं रेवड़ी लिरिक्स

श्यामा मेला में ले चालू रे,
तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे।।



चाले छे तो चाल साँवरा,

मेलो उल्टयो आवे,
तू बैठ्यो मन्दिर में रे,
दुनिया माल उड़ावे,
आजा तू क्यों देर लगावे रे,
तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे,
श्यामा मेला में ले चालूँ रे।।



नया नया छे ख्याल खिलौना,

कांच गडूल्या मोती,
तने दिवादयु अलगोजा,
और मैं लेल्युला पोथी,
आपा गाता गाता चाला रे,
तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे,
श्यामा मेला में ले चालूँ रे।।



सौ रूपया का खुल्ला कराले,

दे दे मेला खर्ची,
रेवाड़ी की रेवड़ी रे,
वा दिल्ली की बरफी,
आपा खाताखाता चाला रे,
तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे,
श्यामा मेला में ले चालूँ रे।।



घणो सार को गेर मसालो,

चाबा नागर-पान,
गुम जावलो सागे रिजे,
कहबो म्हारा मान,
तेने आंगली पकड़ा लूँ रे,
तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे,
श्यामा मेला में ले चालूँ रे।।



‘सोहन लाल’ का लाडला,

तने राखू हृदय माहीं,
आज तो मन्दिर के बाहर,
आजा रे सांचा ही,
तन्ने ताला मैं जुड़ देल्या रे,
तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे,
श्यामा मेला में ले चालूँ रे।।



श्यामा मेला में ले चालू रे,

तने दिवाद्युं रेवड़ी,
मैं बड़ा तुलाल्यूं रे।।

Singer – Babu Lal Sharma


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