प्रथम पेज कृष्ण भजन श्यामा आन बसों व्रंदावन में मेरी उमर बीत गई गोकुल में

श्यामा आन बसों व्रंदावन में मेरी उमर बीत गई गोकुल में

श्यामा आन बसों व्रंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में॥॥



श्यामा रसते में बाग लगा जाना,

फुल बीनूंगी तेरी माला के लिये,
तेरी बाट नीहारु कुँजन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में॥॥



श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,

मै तो नीर भरुँगि तेरे लिये,
मै तुझे नहलाउँगि मलमल के,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में॥॥



श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,

मोहे आके दरश दिखा जाना,
तेरी सुरत बसी है अखीयन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में॥॥



श्यामा व्रँदावन में आजाना,

आ करके रास रचा जाना,
सुनी गोकुल की गलियों में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में॥॥



श्यामा माखन चुराने आ जाना,

आकर के दही बिखरा जाना,
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में॥॥


5 टिप्पणी

आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।