मेरी ज़िन्दगी सवर जाए अगर तुम मिलने आ जाओ लिरिक्स

मेरी ज़िन्दगी सवर जाए अगर तुम मिलने आ जाओ लिरिक्स

मेरी ज़िन्दगी सवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ,
तमन्ना फिर मचल जाये,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।

तर्ज – जगत के रंग क्या देखूं।



छलकते आँख के आंसू,

कही बेकार ना हो जाए,
कही बेकार ना हो जाए,
चरण छूकर बने मोती,
अगर तुम मिलने आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।



करम से बन गया पत्थर,

नहीं है रूप मेरा कोई,
नहीं है रूप मेरा कोई,
सलीके से संवर जाऊँ,
अगर तुम मिलने आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।



बिन तेरे ओ मनमोहन,

मैं मुरझा सा ही रहता हूँ,
मैं मुरझा सा ही रहता हूँ,
चमन मन के ये खिल जाए,

अगर तुम मिलने आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।



नही मिलते हो तुम मुझसे,

तो मोह दुनिया से होता है,
तो मोह दुनिया से होता है,
कटे सारे भव बंधन,
अगर तुम मिलने आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।



भटकता रहता हूँ दर दर,

तेरे दीदार के खातिर,
तेरे दीदार के खातिर,
भटकना छुट जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ,
मेरी ज़िन्दगी संवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।



मेरी ज़िन्दगी सवर जाए,

अगर तुम मिलने आ जाओ,
तमन्ना फिर मचल जाये,
अगर तुम मिलने आ जाओ।।


2 टिप्पणी

आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें