शरणे थारे आयो हे भादवा माँ दरसन माने दीजो ऐ

शरणे थारे आयो हे भादवा,
माँ दरसन माने दीजो ऐ,
भगता रो हेलो सुणो ऐ भादवा,
शरणा में माने लीजो ऐ हे माँ।।



नीमच री धणियाणी भादवा,

दुखियारा दुखड़ा मिटावे हे,
लूला लंगड़ा पांवा चाले,
माँ चर्म रोग मिटावे हे,
ऐ माँ.. ओ शरणे थारे।।



नवरात्रा में मेलो लागे,

थारे घणी जातरी आवे हे,
भीड़ पड़े थारे भगता री,
माँ मन री आस पुरावे हे,
ऐ माँ.. ओ शरणे थारे।।



साचा मन सु ध्यावे मात ने,

माँ हर पल भेली आवे हे,
कारज सारे माँ भगता रा,
या विपदा आय कटावे हे,
ऐ माँ.. ओ शरणे थारे।।



योगी जोगी थारा उपासक,

वे कण्ठे नाम रटावे हे,
धरम तंवर थारा भजन सुनावे,
शरणा में थारे गावे हे,
ऐ माँ.. ओ शरणे थारे।।



शरणे थारे आयो हे भादवा,

माँ दरसन माने दीजो ऐ,
भगता रो हेलो सुणो ऐ भादवा,
शरणा में माने लीजो ऐ हे माँ।।

गायक और लेखक – धर्मेंद्र तंवर उदयपुर।
9829202569


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