सेठ सांवरा भक्त बावरा,
हो गया थारे नाम पे,
अरे थाकी ही कृपा सू चाले,
तगड़ो मारो काम रे।।
सुनो साँवरा सुनो साँवरा,
मनडे वाली बाता रे,
अटकीयोडी थे पार लगादो,
कर दो मारे साता रे,
आया साँवरा आया साँवरा,
आया थारा द्वार पे,
चरणा माही शीश जुकाऊ,
राखो मारी लाज रे।।
सोना चाँदी माल ख़ज़ाना,
रूपिया रा भंडार रे,
ख़ाली जोली लायो साँवरा,
कर दो मालामाल रे,
गाड़ी गोडा महल मालिया,
सब थारा ही नाम पे,
दुनिया माही ब्रांड बनियो है,
साँवरिया को नाम रे।।
सुनो साँवरा मंडफ़िया वाला,
गाया रा ग्वाल थे,
थारी रे सुरतियाँ श्याम जी,
लागे घनी कमाल रे,
गज्जू थाका भजन बनाया,
आशीष आयो साथ रे,
अरे थारो ही सहारो साँवरा,
मत वीजे नाराज रे।।
सेठ सांवरा भक्त बावरा,
हो गया थारे नाम पे,
अरे थाकी ही कृपा सू चाले,
तगड़ो मारो काम रे।।
गायक – आशीष पारीख।
लेखक- गज्जू सुथार बड़वाई।
मो. – 8696759939








