सावन का है त्यौहार,
भोले को मना ले,
तेरे बनेंगे बिगड़े काम,
कावड़ को चढ़ा ले।।
तीनों लोकों में बाबा की,
महिमा निराली है,
आज है यहां पर होली,
और कल दिवाली है,
सब यहीं पर है त्यौहार,
कावड़ को चढ़ा ले।।
शिवजी है डमरू धारी,
और महादानी है,
इनसे बड़ा न जग में,
कोई भी ज्ञानी है,
कर देते हैं उद्धार,
कावड़ को चढ़ा ले।।
भोलेनाथ तुझको अपनी,
गोद में उठाएंगे,
विक्की के संकट बाबा,
पल में मिटाएंगे,
पा लेगा चारों धाम,
कावड़ को चढ़ा ले।।
सावन का है त्यौहार,
भोले को मना ले,
तेरे बनेंगे बिगड़े काम,
कावड़ को चढ़ा ले।।
Singer / Lyrics – Vikas Agarwal Vicky
6394332715








