सौतन बनी आज कान्हा मुरलिया तोरी बुंदेली भजन लिरिक्स

सौतन बनी आज कान्हा,
मुरलिया तोरी,
बाँसुरिया तोरी।।



अरे हां, मैं तो गई यमुना जल,

भरन युमना जल,
तट पे रही बाज कान्हा,
मुरलिया तोरी,
बाँसुरिया तोरी।।



अरे हां, मैं तो गई कुंजन वन,

गई कुंजन वन,
वन मे रही बाज कान्हा,
मुरलिया तोरी,
बाँसुरिया तोरी।।



अरे हां, संगम होए अब कैसे,

होए अब कैसे,
होंठन रही बैज कान्हा,
मुरलिया तोरी,
बाँसुरिया तोरी।।



सौतन बनी आज कान्हा,

मुरलिया तोरी,
बाँसुरिया तोरी।।

स्वर – रजनी भारती।
प्रेषक – दुर्गा प्रसाद पटेल
9713325873


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें