सौदा करले जाननहार काया गढ़ में मंडियों बाजार लिरिक्स

सौदा करले जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार,
सौदा करलें जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार।।



इन काया मे हाट लगाकर,

बैठा है सहुकार,
इन काया मे हाट लगाकर,
बैठा है सहुकार,
इन काया मे चोर बसत है,
इन काया मे चोर बसत है,
लूटे सरे बाजार,
सौदा करलें जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार।।



इन काया मे हिरा निपजे,

लाला रो बिनज अपार,
इन काया मे हिरा निपजे,
लाला रो बिनज अपार,
इन काया मे रत्न निपजे,
इन काया मे रत्न निपजे,
परखे परखनहार,
सौदा करलें जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार।।



इन काया मे वेद ने शास्त्र,

पंडित करे विचार,
इन काया मे वेद ने शास्त्र,
पंडित करे विचार,
इन काया मे काजी मुल्ला,
इन काया मे काजी मुल्ला,
दे दे बांक पुकार,
सौदा करलें जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार।।



इन काया मे गुरू बिराजे,

ज्यारी ओट अपार,
इन काया मे गुरू बिराजे,
ज्यारी ओट अपार,
कहत कबीर सुनो भई संतो,
कहत कबीर सुनो भई साधो,
हरि भज उतरो पार,
सौदा करलें जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार।।



सौदा करले जाननहार,

काया गढ़ में मंडियों बाजार,
सौदा करलें जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार।।

गायक – मोईनुद्दीन जी मनचला।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें