साई मैं तेरे दर आया जो हार कर भजन लिरिक्स

साई मैं तेरे दर,
आया जो हार कर,
तूने पकड़ी कलाई,
मजा आ गया,
अब ना चिंता फिकर,
दिल में रहता ना डर,
ज़िंदगी मुस्कुराई,
मजा आ गया,
साईं मैं तेरे दर,
आया जो हार कर।।

तर्ज – श्याम जाने जिगर।



हर कदम ठोकरे,

खाता चलता था मैं,
गिरता था और खुद ही,
संभलता था मैं,
अब जो ठोकर लगे,
बढ़ के तू थाम ले,
गिर ना पाऊं मैं साई,
मजा आ गया,
साईं मैं तेरे दर,
आया जो हार कर।।



मुझपे किरपा की तेरी,

नजर जो पड़ी,
तेरी मस्ती में साई,
रहूं हर घडी,
रखा सिर पे जो हाथ,
तूने ओ साई नाथ,
प्रीत तेरी है पाई,
मजा आ गया,
साईं मैं तेरे दर,
आया जो हार कर।।



तेरे दरबार की मैं,
करूँ चाकरी,

रोज तेरी बजाता,
रहूं हाजरी,

यूँ ही मेरी उमर,
जाए ‘कुंदन’ गुजर,
तुझसे अर्जी लगाई,
मजा आ गया,
साईं मैं तेरे दर,
आया जो हार कर।।



साई मैं तेरे दर,

आया जो हार कर,
तूने पकड़ी कलाई,
मजा आ गया,
अब ना चिंता फिकर,
दिल में रहता ना डर,
ज़िंदगी मुस्कुराई,
मजा आ गया,
साईं मैं तेरे दर,
आया जो हार कर।।

Singer – Aakanksha Mittal