प्रथम पेज राजस्थानी भजन थारो बीरा रंग मोए रंग मिल जाय गुणा री जोड़ी नही मिले

थारो बीरा रंग मोए रंग मिल जाय गुणा री जोड़ी नही मिले

थारो बीरा रंग मोए रंग मिल जाय,
गुणा री जोड़ी नही ओ मिले,
थारो भिरा रंग मोए रंगेओ मिलजाय,
लखना री जोड़ी नाही ओ मिले।।



हंशा भुग्ला एक भरेम रा,

बैठे एकन्न तीर,
अरे रामजी बेटे एकन तीर,
अरे हनशा तो मोती चुगेरे,
ये भुगिलाई मंछलियो घटकई,
लखना री जोड़ी नाही ओ मिले।।



कोयल कागा एक भरम रा,

बेटे एकन्न डाल,
कड़वा बोले कागलीयो,
ये कड़वो बोले कागलयो,
ये कोयल मिठा शब्द सुनाई,
भिरा शब्द सुनाई,
गुणा री जोड़ी नाही ओ मिले।।



हल्दी केसर एक ही रंगरी,

बीके एकन हाट,
हल्दी केसर एक भरण रीे,
बीके एकन हाट,
हल्दी तो सागा में पडसी,
अरे केसर तिलक लगाई,
गुणा री जोड़ी नाही ओ मिले।।



काहे कबीर सा सुनो भाई संतो,

तेपद है निर्वाण,
अरे रामजी तेपद है निर्वाण,
इन पदा री करे खोजना,
वही चतुर सुजान,
गुणा री जोड़ी नाही ओ मिले।।



थारो बीरा रंग मोए रंग मिल जाय,

गुणा री जोड़ी नही ओ मिले,
थारो भिरा रंग मोए रंगेओ मिलजय,
लखना री जोड़ी नाही ओ मिले।।

गायक – महेंद्र जी बोयल।
Upload By – Naresh
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