प्रथम पेज राजस्थानी भजन रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती धरदे रे जगदम्बा

रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती धरदे रे जगदम्बा

रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती,
मुठ मजबूती ए धरदे रे जगदम्बा,
राजपूतों में मजबूती,
ए धरदे रे जगदम्बा,
राजपूतों मे मजबूती।।



ए ओ मै सबसे पहला मात भवानी,

थाने ध्यावु रे भवानी थाने ध्यावु ए,
जगदम्बा थाने ध्यावु ए,
कुंकुम रा प्याला जगदम्बा ने चढावु,
ए कुंकुम रा प्याला जगदम्बा ने चढावु।।



ओ मै याद करू जद मात भवानी म्हारी,

आजा भवानी म्हारी आजा जगदम्बा म्हारी,
आजा सुता शेरो ने मात भवानी जगाजा,
सुतोडा शेरो ने मात भवानी जगाजा।।



ए मुगलो री फौजा गढ रे मेवाड पर,

आयी मेवाड़ पर आयी मेवाड़ पर आयी,
गढ गिरवा लियो चितौड़ घटा ज्यु जाई,
गढ गिरवा लियो चितौड़ घटा ज्यु जाई,
ओ जद अकबर आयने,
गढ चितौड़ गिरवाया चितौड़ गिरवाया,
ए ज्यु जलती बलती आग सु नार बचाया,
ए ज्यु जलती बलती आग सु नार बचाया।।



ओ जद हल्दीघाटी ओर संग्राम हुआ भारी,

संग्राम हुआ भारी संग्राम हुआ भारी,
ए बिजली ज्यु चमके तेज तलवार उस राणा की,
ए बिजली ज्यु चमके तेज तलवार राणा की,
उस महाराणा रो भलकतो भालो रे भलकतो भालो,
हल्दीघाटी मे घूम रयो मतवालो,
हल्दीघाटी मे घूम रयो मतवालो।।



ओ कोई अमरसिंह रा राठौड़ नागौर का जाया,

नागौर का जाया रे नागौर का जाया,
ओ जद आगरा जीतने फौज फतेहगढ़ आया,
ओ जद आगरा जीतने फौज फतेहगढ़ आया।।
दोहा:”चार बांस चौबीस गज अंगुल,
अष्ट प्रमाण ता ऊपर सुल्तान है,
तो मत चूके चौहान”
ओ कोई पृथ्वी राज ए चौहान खांडा खडकाया,
खांडा खडकाया ए खांडा खडकाया,
आँखीया सु अंधा फिर भी बाण चलाया,
आँखीया सु अंधा फिर भी बाण चलाया।।



ओ कोई सब भगता री लाज रखी मम माई,

ओ हिन्गलाज माई ए तनोट माई,
ए भादरिया री माई ए करणल माई,
ए नागणेची माई ए जगदम्बा म्हारी माई,
कोई दान कैलाश माँ शरण मे आयी,
अरे कोई दान कैलाश माँ की शरण मे आयी।।



रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती,

मुठ मजबूती ए धरदे रे जगदम्बा,
राजपूतों में मजबूती,
ए धरदे रे जगदम्बा,
राजपूतों मे मजबूती।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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