राधे कृष्णा झूमते हो भजन लिरिक्स

कन्हैया हाय,
मुरली बजाये वो तो,
राधा को बुलाये,
राधा दौड़ी चली आये,
मुरली की धुन पे,
राधे कृष्णा झूमते हो,
राधे कृष्णा झूमतें,
राधा हाय,
राधा भी चाहे कृष्णा,
उसको बुलाये,
राधा रुक नहीं पाए,
मुरली सुनके,
राधे कृष्णा झूमते हों,
राधे कृष्णा झूमतें।।

तर्ज – आया सावन झुमके।



सबका चित्त लुभाये अपनी,

ऊँगली पे नचाये,
कृष्णा गोकुल को,
राधा उसको नचाये,
कृष्णा नाचता जाए,
गोकुल को,
राधा हाय,
राधा खिलाये माखन,
कान्हा खाये और,
कुछ भी ना भाये उसे झूमते,
राधे कृष्णा झूमते हों,
राधे कृष्णा झूमतें।।



काहे मटकी ये फोड़े मेरी,

कलैया ये मोड़े,
भोली राधे को,
वृषभान दुलारी मैं हूँ,
जग की प्यारी कुछ,
सोचो तो,
बलैयां हाय,
बलैयां ले के दोनों,
एक दूजे के मन,
भायें दोनों देखो झूमते,
राधे कृष्णा झूमते हों,
राधे कृष्णा झूमतें।।



राधा प्रेम दीवानी बनी,

ऐसी कहानी जाने जग सारा,
जो भी राधे को मनाये,
कृष्णा दौड़ा चला आये,
वो तो लगे प्यारा,
कन्हैया हो,
प्रेम बढ़ाये वो तो प्रीत सिखाये,
‘टीटू’ जीना सिखाये वो तो झूमते,
राधे कृष्णा झूमते हों,
राधे कृष्णा झूमतें।।



कन्हैया हाय,

मुरली बजाये वो तो,
राधा को बुलाये,
राधा दौड़ी चली आये,
मुरली की धुन पे,
राधे कृष्णा झूमते हो,
राधे कृष्णा झूमतें,
राधा हाय,
राधा भी चाहे कृष्णा,
उसको बुलाये,
राधा रुक नहीं पाए,
मुरली सुनके,
राधे कृष्णा झूमते हों,
राधे कृष्णा झूमतें।।

Singer – Amrit Indrani


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