प्रथम पेज राजस्थानी भजन पीपासर रा राज बीरा जग में परचा भारी भजन लिरिक्स

पीपासर रा राज बीरा जग में परचा भारी भजन लिरिक्स

पीपासर रा राज बीरा,
जग में परचा भारी।

दोहा – समराथल सो थल नहीं,
मंदिर जेड़ा मुकाम,
जांभोलाव सो सरवर नहीं,
जहाँ सन्त करे विश्राम।



पीपासर रा राज बीरा,

जग में परचा भारी,
भगता रे बेगा आओ,
म्हारा जम्भेश्वर अवतारी।।



जिला जोधपुर गाँव पीपासर,

आप लियो अवतारी,
माँ हंसा थाने गोद खिलाया,
पिता लोहट जात पँवारी।
पिपासर रा राज बीरा,
जग में परचा भारी,
भगता रे बेगा आओ,
म्हारा जम्भेश्वर अवतारी।।



सखियां मंगल गाय गाय ने,

गढ़ सुदी मंगवाई,
गुडिया रो अभिमान मिटायो,
पीपासर रे माई।
पिपासर रा राज बीरा,
जग में परचा भारी,
भगता रे बेगा आओ,
म्हारा जम्भेश्वर अवतारी।।



सेस के घर आप पधारे,

घर सेसे की नारी,
जोगी रो थे वेश बणायो,
लीला जग सू न्यारी।
पिपासर रा राज बीरा,
जग में परचा भारी,
भगता रे बेगा आओ,
म्हारा जम्भेश्वर अवतारी।।



विश्नोई थारी करे सेवना,

इण कलजुग रे माई,
गोरधन थारे धोरे आयो,
गुरु चरणा में लेई।
पिपासर रा राज बीरा,
जग में परचा भारी,
भगता रे बेगा आओ,
म्हारा जम्भेश्वर अवतारी।।



पीपासर रा राज बीरां,

जग में परचा भारी,
भगता रे बेगा आओ,
म्हारा जम्भेश्वर अवतारी।।

गायक – गोरधन विशनोई नांदिया प्रभावती।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


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