पवन उड़ा कर ले गई रे मेरी माँ की चुनरिया लिरिक्स

पवन उड़ा कर ले गई रे मेरी माँ की चुनरिया लिरिक्स

पवन उड़ा कर ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
माँ की चुनरिया,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



उड़ उड़ पहुंची चुनरिया गोकुल में,

उड़ उड़ पहुंची चुनरिया गोकुल में,
राधा के मन को भा गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



उड़ उड़ पहुंची चुनरिया अवध में,

उड़ उड़ पहुंची चुनरिया अवध में,
सीता के मन को भा गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



उड़ उड़ पहुंची चुनरिया मेवाड़ में,

उड़ उड़ पहुंची चुनरिया मेवाड़ में,
मीरा के मन को भा गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



उड़ उड़ पहुंची चुनरिया सागर में,

उड़ उड़ पहुंची चुनरिया सागर में,
लक्ष्मी के मन को भा गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



उड़ उड़ पहुंची चुनरिया कैलाश में,

उड़ उड़ पहुंची चुनरिया कैलाश में,
पार्वती को भा गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



उड़ उड़ पहुंची चुनरिया कीर्तन में,

उड़ उड़ पहुंची चुनरिया कीर्तन में,
भक्तों के मन को भा गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।



पवन उड़ा कर ले गई रे,

मेरी माँ की चुनरिया,
माँ की चुनरिया,
मेरी माँ की चुनरिया,
पवन उड़ा के ले गई रे,
मेरी माँ की चुनरिया।।

Singer – Shriniwas Sharma


१ टिप्पणी

आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें