पैदल चलता चलता जय बोलो जालन्धर नाथ जी की लिरिक्स

पैदल चलता चलता जय बोलो जालन्धर नाथ जी की लिरिक्स

पैदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की,
जालन्धर नाथ जी की,
जय जय शांतिनाथ जी की,
जालन्धर नाथ जी की,
जय जय शांतिनाथ जी की,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।



कनकाचल पर्वत पर बनीयो,

सिरे मन्दिर हद भारी,
कनकाचल पर्वत पर बनीयो,
सिरे मन्दिर हद भारी,
दूर दूर सु दर्शन करवा,
आवे नर और नारी,
अरे दूर दूर सु दर्शन करवा,
आवे नर और नारी,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।



भंवर गुफा मे तपीया देखो,

बडा बडा तपधारी,
भंवर गुफा मे तपीया देखो,
बडा बडा तपधारी,
चन्द्रकुण्ड रो निर्मल पानी,
काटे रोग बिमारी,
अरे चन्द्रकुण्ड रो निर्मल पानी,
काटे रोग बिमारी,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।



रतनेश्वर महादेव रो मन्दिर,

भगतो रे मन भावे,
रतनेश्वर महादेव रो मन्दिर,
भगतो रे मन भावे,
भोलो शंकर निज भगता रा,
पल में कष्ट निवारे,
भोलो शंकर निज भगता रा,
पल में कष्ट निवारे,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।



शांतिनाथ जी साचा सतगुरु,

गादीपति कहलावे,
शांतिनाथ जी साचा सतगुरु,
गादीपति कहलावे,
जो कोई शरने आपरी आवे,
उनने पार लगावे,
जो कोई शरने आपरी आवे,
उनने पार लगावे,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।



सिरे मन्दिर री महिमा कोई,

दास अशोक सुनावे,
सिरे मन्दिर री महिमा,
कोई दास अशोक सुनावे,
तपो भूमि जालौर धरा ने,
सादर शिश निवावे,
तपो भूमि जालौर धरा ने,
सादर शिश निवावे,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।



पैदल चलता चलता,

जय बोलो जालन्धर नाथ जी की,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की,
जालन्धर नाथ जी की,
जय जय शांतिनाथ जी की,
जालन्धर नाथ जी की,
जय जय शांतिनाथ जी की,
पेदल चलता चलता,
जय बोलो जालन्धर नाथ जी की।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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